आज के जमाने में अगर हमें कंप्यूटर की जानकारी नहीं है, तो हम खुद को थोड़ा पीछे महसूस करते हैं। चाहे स्कूल हो, ऑफिस हो, दुकान हो या हॉस्पिटल—हर जगह एक मशीन कॉमन है, और वो है कंप्यूटर।
लेकिन, क्या आपने कभी सोचा है कि असल में यह ‘कंप्यूटर’ है क्या? यह कोई जादू की पेटी है या सिर्फ एक मशीन? यह काम कैसे करता है?
आज के इस आर्टिकल (Day 1) में हम बिल्कुल जीरो से शुरुआत करेंगे। हम जानेंगे कि कंप्यूटर की सही परिभाषा क्या है और यह काम कैसे करता है? तो चलिए, टेक्नोलॉजी की इस दुनिया को आसान भाषा में समझते हैं।
1. कंप्यूटर क्या है? (What is Computer in Hindi)
अगर किताबी भाषा को छोड़कर आसान शब्दों में कहें, तो कंप्यूटर एक बिजली से चलने वाली मशीन (Electronic Device) है, जो हमारे काम को आसान और तेज बनाती है।
सोचिये, अगर आपको 100 लोगों का हिसाब-किताब करना हो, तो आपको घंटों लग जाएंगे और गलती होने का डर भी रहेगा। लेकिन कंप्यूटर यही काम कुछ सेकंड्स में बिना किसी गलती के कर देता है।
तकनीकी परिभाषा (Technical Definition): कंप्यूटर एक ऐसा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जो यूजर (यानी हम) से कच्चा डेटा (Raw Data) लेता है, उसे प्रोसेस (Process) करता है और फिर हमें एक अर्थपूर्ण परिणाम (Result/Information) देता है।
सरल उदाहरण: जैसे ‘जूसर मशीन’ में हम फल (Input) डालते हैं, मशीन उसे घुमाती है (Process), और हमें जूस (Output) मिलता है—ठीक वैसे ही कंप्यूटर भी काम करता है।
2. कंप्यूटर का फुल फॉर्म (Full Form of COMPUTER)
अक्सर परीक्षाओं में या इंटरव्यू में इसका फुल फॉर्म पूछा जाता है। हालांकि इसका कोई एक फिक्स ऑफिशियल फुल फॉर्म नहीं है, लेकिन जो सबसे ज्यादा प्रचलित और स्वीकार्य है, वो यह है:
C – Common (सामान्य)
O – Operating (ऑपरेटिंग/चलने वाला)
M – Machine (मशीन)
P – Purposely (उद्देश्यपूर्ण)
U – Used for (उपयोग के लिए)
T – Technological (तकनीकी)
E – Educational (शैक्षणिक)
R – Research (अनुसंधान)
यानी, “एक ऐसी सामान्य मशीन जो विशेष रूप से तकनीकी, शिक्षा और रिसर्च के कामों में इस्तेमाल की जाती है।”
3. कंप्यूटर काम कैसे करता है? (How Computer Works – The IPO Cycle)
कंप्यूटर कोई इंसान नहीं है, इसलिए वो खुद से कुछ नहीं सोच सकता। यह पूरी तरह से एक नियम पर काम करता है जिसे हम IPO Cycle कहते हैं।
IPO का मतलब है:
I – Input (इनपुट): लेना
P – Process (प्रोसेस): सोचना/काम करना
O – Output (आउटपुट): परिणाम देना
आइये इसे विस्तार से और सरल तरीके से समझते हैं:
स्टेप 1: इनपुट (Input)
जब हम कंप्यूटर को कुछ बताते हैं या आदेश देते हैं, तो उसे इनपुट कहते हैं।
कैसे देते हैं? कीबोर्ड से टाइप करके या माउस से क्लिक करके।
उदाहरण: मान लीजिये आपने कीबोर्ड पर
2 + 2टाइप किया। यह कंप्यूटर के लिए इनपुट है।
स्टेप 2: प्रोसेसिंग (Processing)
यह कंप्यूटर का सबसे मुख्य काम है। आपने जो इनपुट दिया, उस पर काम करना प्रोसेसिंग कहलाता है।
कौन करता है? यह काम CPU (Central Processing Unit) करता है, जिसे कंप्यूटर का ‘दिमाग’ भी कहते हैं।
उदाहरण: CPU ने सोचा कि
2और2को जोड़ने पर क्या आएगा। उसने गणना की और उत्तर4निकाला।
स्टेप 3: आउटपुट (Output)
प्रोसेसिंग के बाद जो नतीजा निकलता है, उसे आउटपुट कहते हैं।
कहाँ दिखता है? मॉनिटर (Screen) पर या प्रिंटर के जरिये कागज पर।
उदाहरण: स्क्रीन पर आपको
4लिखा हुआ दिखाई दिया। यह आउटपुट है।
स्टेप 4: स्टोरेज (Storage)
(यह एक एक्स्ट्रा लेकिन जरुरी स्टेप है) अगर आप उस 4 नंबर को या अपनी फाइल को बाद के लिए बचाकर रखना चाहते हैं, तो कंप्यूटर उसे अपनी मेमोरी (Hard Disk/SSD) में सेव कर लेता है। इसे स्टोरेज कहते हैं।
4. कंप्यूटर की विशेषताएं (Characteristics of Computer)
इंसान और कंप्यूटर में बहुत फर्क है। कंप्यूटर में कुछ ऐसी खूबियां हैं जो इसे खास बनाती हैं:
स्पीड (Speed): कंप्यूटर पलक झपकते ही लाखों गणनाएं कर सकता है। जो काम हमें करने में साल भर लगेंगे, वो कंप्यूटर मिनटों में कर सकता है।
शुद्धता (Accuracy): इंसान गलती कर सकता है, लेकिन कंप्यूटर कभी गलती नहीं करता (जब तक कि हम उसे गलत कमांड न दें)। इसे GIGO (Garbage In, Garbage Out) कहा जाता है।
याददाश्त (Storage Capacity): हम पुरानी बातें भूल जाते हैं, लेकिन कंप्यूटर अपनी हार्ड डिस्क में सालों-साल तक करोड़ों फाइल्स याद रख सकता है।
थकता नहीं (Diligence): अगर आप कंप्यूटर से लगातार 24 घंटे भी काम कराएं, तो वह न थकेगा, न बोर होगा और न ही उसका ध्यान भटकेगा।
बहुउद्देशीय (Versatility): एक ही कंप्यूटर पर आप गाना भी सुन सकते हैं, लेटर भी लिख सकते हैं, गेम भी खेल सकते हैं और हॉस्पिटल में मरीज का इलाज भी कर सकते हैं।
5. कंप्यूटर के मुख्य भाग (Basic Components)
कंप्यूटर मुख्य रूप से दो चीजों से मिलकर बना है। इनके बिना कंप्यूटर सिर्फ एक प्लास्टिक का डब्बा है।
हार्डवेयर (Hardware): कंप्यूटर के वो हिस्से जिन्हें हम छू सकते हैं और देख सकते हैं। जैसे- कीबोर्ड, माउस, मॉनिटर, CPU, प्रिंटर आदि। यह कंप्यूटर का ‘शरीर’ है।
सॉफ्टवेयर (Software): यह कोड या प्रोग्राम्स का सेट होता है जिसे हम छू नहीं सकते, बस देख सकते हैं और इस्तेमाल कर सकते हैं। जैसे- MS Office, Paint, Google Chrome आदि। यह कंप्यूटर की ‘आत्मा’ है।
निष्कर्ष (Conclusion)
तो दोस्तों, आज के इस पहले भाग (Day 1) में हमने जाना कि कंप्यूटर एक स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जो हमारे डेटा (Data) को इनफॉर्मेशन (Information) में बदलती है। यह पूरी तरह से इनपुट-प्रोसेस-आउटपुट (IPO) के सिद्धांत पर काम करती है।
आज के डिजिटल युग में कंप्यूटर सिर्फ एक मशीन नहीं, बल्कि हमारी जरुरत बन गया है। कल के आर्टिकल (Day 2) में हम जानेंगे कंप्यूटर के प्रकार (Types of Computers) के बारे में—कि सुपर कंप्यूटर क्या है और लैपटॉप डेस्कटॉप से कैसे अलग है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q1: कंप्यूटर का जनक (Father of Computer) किसे कहा जाता है?
Ans: चार्ल्स बैबेज (Charles Babbage) को कंप्यूटर का जनक माना जाता है।
Q2: कंप्यूटर का हिंदी नाम क्या है?
Ans: कंप्यूटर को हिंदी में ‘संगणक’ (Sanganak) कहा जाता है, जिसका अर्थ है गणना करने वाला।
Q3: CPU का पूरा नाम क्या है?
Ans: Central Processing Unit (सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट)।
उम्मीद है आपको यह जानकारी पसंद आई होगी। अगर आपके मन में कोई सवाल है, तो नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर पूछें। हम आपकी मदद जरूर करेंगे!