MS Excel Full Course: जीरो से हीरो बनने का पूरा सफर (बेसिक से एडवांस तक)
नमस्ते दोस्तों! स्वागत है आपका JobVidya.com पर।
क्या आप भी उन लोगों में से हैं जो Microsoft Excel की हरी-हरी शीट और छोटे-छोटे डिब्बों (Cells) को देखकर घबरा जाते हैं? क्या आपको भी लगता है कि एक्सेल सिर्फ गणित के जीनियस लोगों के लिए है? या फिर आप इंटरव्यू में यह सुनकर रिजेक्ट हो गए कि “आपको एक्सेल नहीं आता?”
अगर हाँ, तो गहरी सांस लीजिये और रिलैक्स हो जाइये। क्योंकि आज आपका यह डर हमेशा के लिए खत्म होने वाला है।
मैं हूँ आपका दोस्त राजू, और आज के इस मास्टरक्लास में हम एक्सेल को रटेंगे नहीं, बल्कि इसे अपनी उंगलियों पर नचाना सीखेंगे। चाहे आपको घर का बजट बनाना हो, स्कूल का रिजल्ट तैयार करना हो, या ऑफिस में हज़ारों लोगों का डेटा मैनेज करना हो—एक्सेल वह जादू की छड़ी है जो घंटों का काम मिनटों में कर सकती है।
तो चलिए, अपने एक्सेल के सफर की शुरुआत करते हैं!
भाग 1: MS Excel का परिचय (Basics – नींव मजबूत करें)
एक्सेल क्या है? सरल भाषा में कहें तो यह एक “स्मार्ट कैलकुलेटर” और “डेटा रजिस्टर” का कॉम्बिनेशन है। इसमें हम डेटा (जानकारी) रखते हैं और उस पर गणित (Calculations) करते हैं।
जब आप एक्सेल खोलते हैं, तो आपको जो दिखता है, उसे समझना जरूरी है:
1. वर्कबुक और वर्कशीट (Workbook vs Worksheet)
इसे एक नोटबुक की तरह समझें। पूरी फाइल एक Workbook है, और उसके अंदर जो पन्ने हैं, उन्हें Worksheet कहते हैं। आप नीचे दिए गए ‘+’ बटन से जितनी चाहें उतनी शीट्स जोड़ सकते हैं।
2. रो और कॉलम (Rows & Columns)
Columns: जो ऊपर से नीचे की तरफ खड़ी लाइनें हैं (A, B, C, D…)।
Rows: जो बाएं से दाएं लेटी हुई लाइनें हैं (1, 2, 3, 4…)।
एक्सेल में 10 लाख से ज्यादा Rows और 16 हजार से ज्यादा Columns होते हैं। यानी डेटा रखने की जगह की कोई कमी नहीं!
3. सेल और सेल एड्रेस (Cell Address)
जहाँ एक Row और Column मिलते हैं, वहां एक छोटा डिब्बा बनता है, जिसे Cell कहते हैं। हर सेल का एक नाम होता है। जैसे अगर आप Column ‘C’ और Row ‘5’ वाले डिब्बे में हैं, तो उस सेल का नाम होगा “C5”। इसे समझना बहुत जरूरी है क्योंकि एक्सेल में हम नंबरों को नहीं, बल्कि उनके ‘एड्रेस’ को जोड़ते-घटाते हैं।
भाग 2: एक्सेल के जादुई फॉर्मूले (Basic Formulas)
एक्सेल की असली ताकत इसके फॉर्मूले हैं। चलिए 5 सबसे जरूरी फॉर्मूले सीखते हैं जो रोज काम आते हैं।
राजू की टिप: एक्सेल में कोई भी फॉर्मूला शुरू करने से पहले हमेशा बराबर का निशान (=) जरूर लगाएं। इसके बिना एक्सेल को पता नहीं चलेगा कि आप कैलकुलेशन कर रहे हैं।
1. जोड़ना (SUM)
अगर आपको कई सेल्स का टोटल करना है:
Formula:
=SUM(A1:A5)इसका मतलब है A1 से लेकर A5 तक के सभी नंबरों को जोड़ दो।
2. औसत निकालना (AVERAGE)
अगर आपको स्टूडेंट्स के मार्क्स का एवरेज निकालना है:
Formula:
=AVERAGE(B1:B10)
3. सबसे बड़ी/छोटी संख्या (MAX & MIN)
हज़ारों नंबरों की लिस्ट में से सबसे बड़ा नंबर ढूँढना हो:
Formula:
=MAX(C1:C100)(सबसे बड़े के लिए)Formula:
=MIN(C1:C100)(सबसे छोटे के लिए)
4. गिनना (COUNT)
यह पता करना हो कि लिस्ट में कितने लोगों का डेटा भरा हुआ है (सिर्फ नंबर):
Formula:
=COUNT(D1:D50)
5. डेटा को जोड़ना (CONCATENATE)
अगर एक सेल में “Raju” लिखा है और दूसरे में “Kumar”, और आप दोनों को एक साथ “Raju Kumar” करना चाहते हैं:
Formula:
=A1 & " " & B1
भाग 3: डेटा मैनेजमेंट (Intermediate Skills)
ऑफिस में आपको साफ़-सुथरा डेटा नहीं मिलता, वहां खिचड़ी मिलती है। उसे सुलझाना ही आपका काम है।
1. सॉर्टिंग और फिल्टर (Sorting & Filtering)
मान लीजिये आपके पास 1000 लोगों की लिस्ट है और आपको सिर्फ उन लोगों का नाम चाहिए जो “Delhi” में रहते हैं।
डेटा सेलेक्ट करें > Data Tab पर जाएं > Filter (कीप जैसा आइकॉन) पर क्लिक करें।
अब हेडिंग पर एक छोटा तीर बन जाएगा। वहां “Delhi” सेलेक्ट करें। जादू देखिये! बाकी सब गायब हो जाएंगे, सिर्फ दिल्ली वाले दिखेंगे।
2. कंडीशनल फॉर्मेटिंग (Conditional Formatting)
यह डेटा को सुंदर और समझने लायक बनाने के लिए है।
उदाहरण: आप चाहते हैं कि जिन बच्चों के नंबर 33 से कम हैं, वो अपने आप लाल रंग (Red) में हो जाएं।
तरीका: सेल्स सेलेक्ट करें > Home Tab > Conditional Formatting > Highlight Cells Rules > Less Than > 33 लिखें और कलर चुनें।
भाग 4: एडवांस एक्सेल (Job Getting Skills)
दोस्तों, यह वो हिस्सा है जो आपकी सैलरी बढ़ाता है। इंटरव्यू में 90% सवाल यहीं से आते हैं।
1. VLOOKUP (द किंग ऑफ एक्सेल)
इसे लेकर लोग बहुत डराते हैं, लेकिन यह बहुत आसान है। इसका काम: एक बड़ी टेबल में से किसी खास जानकारी को ढूंढकर लाना।
उदाहरण: आपके पास हज़ारों एम्प्लोयी की लिस्ट है (ID, Name, Salary)। आप चाहते हैं कि मैं बस “ID” डालूं और उसकी “Salary” अपने आप आ जाए।
Formula:
=VLOOKUP(किसको ढूँढना है, कहाँ ढूँढना है, कौन से कॉलम में जवाब है, 0)=VLOOKUP(H2, A1:D100, 3, 0)
2. Pivot Table (पिवट टेबल)
यह बड़े से बड़े डेटा का निचोड़ (Summary) चुटकियों में निकाल देता है।
मान लीजिये 5 साल का सेल्स डेटा है। बॉस पूछते हैं— “बताओ 2024 में किस शहर में सबसे ज्यादा माल बिका?”
नार्मल तरीके से यह करने में घंटे लगेंगे।
तरीका: डेटा सेलेक्ट करें > Insert > Pivot Table। अब बस City और Sales को खींचकर बॉक्स में डालें। रिपोर्ट अपने आप तैयार!
3. Drop Down List (ड्रॉप डाउन लिस्ट)
अगर आप चाहते हैं कि यूजर अपनी मर्जी से कुछ भी टाइप न करे, बल्कि लिस्ट में से चुने (जैसे- Male/Female):
Data Tab > Data Validation > Allow में ‘List’ चुनें > Source में Male, Female लिख दें।
भाग 5: 5 सुपर शॉर्टकट्स (Time Saving Hacks)
माउस का इस्तेमाल कम करें और कीबोर्ड के खिलाड़ी बनें:
Alt + = : यह जादू है! किसी भी कॉलम के नीचे जाकर यह दबाएं, AutoSum (टोटल) अपने आप हो जाएगा।
Ctrl + ; (Semicolon): आज की तारीख (Current Date) डालने के लिए।
Ctrl + Shift + L: डेटा में फिल्टर (Filter) लगाने या हटाने के लिए।
Ctrl + PgUp / PgDn: एक शीट से दूसरी शीट पर जाने के लिए।
Ctrl + 1: सेल फॉर्मेटिंग का बॉक्स खोलने के लिए।
प्रैक्टिस ही चाबी है
दोस्तों, एक्सेल साइकिल चलाने जैसा है। इस आर्टिकल को पढ़कर आपको समझ तो आ गया होगा, लेकिन असली कॉन्फिडेंस तब आएगा जब आप खुद कंप्यूटर पर इसे करेंगे।
मेरी सलाह है कि आज ही एक ‘Budget Sheet’ या अपने दोस्तों की लिस्ट बनाएं और उसमें इन फॉर्मूलों को लगा कर देखें।
JobVidya.com पर हम आपके लिए ऐसे ही प्रैक्टिस फाइल्स भी उपलब्ध कराएंगे जिन्हें आप डाउनलोड करके प्रैक्टिस कर सकें।
अगर आपको VLOOKUP या किसी और टॉपिक पर विस्तृत वीडियो देखनी है, तो मेरे यूट्यूब चैनल “Informative Raju” पर जरूर जाएं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. क्या एक्सेल सीखने के लिए मुझे मैथ (Maths) में बहुत तेज होना चाहिए? बिल्कुल नहीं! एक्सेल इसीलिए बना है ताकि वो आपके लिए गणित कर सके। आपको बस जोड़-घटाव (Plus-Minus) की बेसिक समझ होनी चाहिए, बाकी काम फॉर्मूले कर देते हैं।
Q2. मैं मोबाइल में एक्सेल सीख सकता हूँ? हाँ, आप Google Play Store से ‘Microsoft Excel’ या ‘Google Sheets’ डाउनलोड कर सकते हैं। बेसिक सीखने के लिए यह ठीक है, लेकिन VLOOKUP और एडवांस फीचर्स के लिए लैपटॉप/पीसी बेहतर है।
Q3. डेटा एंट्री ऑपरेटर की जॉब के लिए क्या आना चाहिए? डेटा एंट्री के लिए आपकी टाइपिंग स्पीड अच्छी होनी चाहिए और आपको बेसिक एक्सेल (जोड़ना, लिस्ट बनाना, प्रिंट निकालना) और शॉर्टकट कीज़ की जानकारी होनी चाहिए।
Q4. “######” एरर का क्या मतलब होता है? अक्सर नए लोग इससे डर जाते हैं। इसका मतलब कोई गलती नहीं है। इसका बस इतना मतलब है कि कॉलम की चौड़ाई कम है और नंबर बड़ा है। कॉलम को थोड़ा खींचकर बड़ा कर दें, नंबर दिख जाएगा।